Monday, October 13, 2008

मोबाइल और प्यार-हास्य व्यंग्य

मोबाइल की बेटरी में खराबी की
खबर ने उसे हिला दिया
क्योंकि उसने अपनी गर्ल फ़्रेंड को दिये थे
उसी कंपनी की मोबाइल प्रेजेंट जिनकी बेट्री
के फ़ट्ने की खबर ने देश में भूचाल ला दिया
मिलता था वह जिन गर्लफ्रैंडस से
अलग दिन और अलग जगह पर
बेटरी फटने के भय ने
सबको एक ही दिन और ऐक ही समय
उसकी होस्टल के कमरे की छत के नीचे
आपस में मिलवा दिया

उसने सबको एक ही कंपनी के
मोबाइल तोहफ़े में दिये थे
जिनकी बेटरी फटने के चर्चे
टीवी चैनलों ने किये थे
भय से काँपती सब उसके रूम में पहुँची
अपने मोबाइल की बेटरी
बदलवाने का आग्रह लेकर
पर जो देखा वहां का मंजर
वह गुस्से में सब भूल गयीं और मिलकर
उसे छठी का दूध याद दिला दिया
जिसे जो मिला उसके सिर पर मार दिया


वह पिटा-कूटा अपने कमरे में पडा था
ऐक दोस्त ने आकर उसे उठाया
वजह पूछी पर वह कुछ नहीं बता रहा था
बस ऐक ही बात रोते हुए दोहरा रहा था
‘मोबाइल वालों तुमने यह क्या किया
बेटरी फट जाने देते
पहले ही प्रचार क्यों किया
जिस कंपनी के मोबाइल खरीद्कर लव में
हो गया था हिट उसने ही आज पिटवा दिया


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