Sunday, June 14, 2009

छद्म मोहब्बत-हास्य व्यंग्य कविता (hasya kavita)

इंटरनेट पर लिखते लिखते
हो गया प्यार तो
आशिक ने माशुका से
उसकी उम्र पूछी
उसने सच सच कसम खाते हुए बता दी
वर्ष बत्तीस।
पढ़कर आशिक के मन में उठी टीस।
उसने लिखा अपनी माशुका को
‘तुम्हारा हमारा साथ अधिक नहीं चलेगा
यह इंटरनेट का खेल
तुम्हें नहीं सच के साथ नहीं जमेगा
मोहब्बत हो या नफरत का दौर
हमेशा ही छद्म रूप ही जंचेगा
तुमने अपनी असली उम्र बताई
समझ कम जताई
उम्र में तुमसे दस साल छोटा हूं
कोई फिल्म अभिनेता नहीं कि
इतना अंतर चल जायेगा
तुम अपने बड़ी उम्र का कोई
दूसरा साथी चुनना जो
अपनी उम्र दस साल कम बतायेगा
तुम भी दस साल छिपाना
जब छद्म मोहब्बत असल हो जाये
तक सच बताना
अपनी राय मुफ्त दे रहा हूं
इसकी नहीं लूंगा फीस।

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कवि,लेखक संपादक-दीपक भारतदीप

1 comment:

  1. चलो अच्छा हुआ बता दिया..कभी इंतेर्नेटिया इश्क हुआ तो यही करेंगे...

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