Tuesday, January 10, 2012

यह बात समझ में नहीं आती-हिन्दी शायरी (yah baat samajh mein nahin aati-hindi shayari)

मिलावटी दूध
कैसे दुनियां का सबसे ताकतवर देश बनायेगा
यह बात समझ में नहीं आती,
सवा अरब की आबादी में
इंसानों के वेश पहने कितने पशु हैं
यह बात समझ में नहीं आती।
कहें दीपक बापू
तरक्की का रथ चलता जा रहा है
कितनी मासूम जानें
नीचे दबी हैं
आचरण की दर कितनी गिरी है
यह बात समझ में नहीं आती।
कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’ग्वालियर
jpoet, Writer and editor-Deepak 'Bharatdeep',Gwalior
http://zeedipak.blogspot.com
 
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