Monday, August 13, 2012

आओ क्रांति पर बात करें हिंदी कविता (aao kranti par bat karen)

सावधान!
क्रांति आ रही है
डरना नहीं
तुम्हें कुछ नहीं होगा
क्योंकि तुम आदमी हो
तुम्हारे पास खोने के लिये कुछ नहीं है,
मगर खुश भी न होना
तुम्हारे लिये पाने को भी कुछ नहीं ह
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कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’ग्वालियर
jpoet, Writer and editor-Deepak 'Bharatdeep',Gwalior
http://zeedipak.blogspot.com
 
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