Showing posts with label संत. Show all posts
Showing posts with label संत. Show all posts

Wednesday, July 01, 2009

दहेज और भ्रष्टाचार-हास्य कविता

प्रवचन करते समय
गुरुजी ने भक्तों को समझाया।
‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप
दहेज समाज के लिये है एक शाप
इसी कारण देश और समाज
कभी आगे बढ़ न पाया।’‘

फिर गौर किया सामने तो
पूरा पंडाल खाली पाया
उन्होंने पूछा अपने शिष्य से
तो वहां से भी बड़ा दर्दनाक उत्तर आया।

‘महाराज, बोलने के लिये
बस क्या दो ही विषय थे
ध्यान, योग, और भक्ति पर
चाहे कुछ बोल देते
इस तरह लोगों की नाराजी तो न मोल लेते
भ्रष्टाचार का मायने भी जानते हैं आप
अपनी जेब में पैसा जाये तो कमाई
दूसरे करे तो पाप
मिट रहा है समाज पर
दहेज विरोध की बात नहीं करता आत्मसात
कन्या भ्रुण को गर्भ में मिटाकर
करने पर उतारू है आत्मघात
रग रग मेे जो पहुंचे गये रोग
अब बने व्यसन, जिसके नशे में जी रहे लोग
आपने शायद गुरु जी से
शिक्षा सही ढंग से नहीं पायी
‘लोगों को जो पसंद है वही बोलो’
यही नीति उन्होंने हमेशा अपनाई
इसलिये इतनी लोकप्रियता पाई
आपने उत्तराधिकार में जो गद्दी
उनसे पाई
समझो वह गंवाई
इस दहेज और भ्रष्टाचार पर बोलकर
आपने हमें भी संकट में पहुंचाया।’’
.............................

लेखक के अन्य ब्लाग/पत्रिकाएं भी हैं। वह अवश्य पढ़ें।
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.दीपक भारतदीप का चिंतन
3.दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान-पत्रिका
4.अनंत शब्दयोग
कवि,लेखक संपादक-दीपक भारतदीप

समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढ़ें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर

लोकप्रिय पत्रिकाएँ

विशिष्ट पत्रिकाएँ